नेपानगर में उपयंत्री पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश पटेल की सुपारी देने का आरोप, प्रेस वार्ता में उपयंत्री पर पटेल ने यह लगाएं गंभीर आरोप

नेपानगर में उपयंत्री पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश पटेल की सुपारी देने का आरोप, प्रेस वार्ता में उपयंत्री पर पटेल ने यह लगाएं गंभीर आरोप

नेपानगर। शनिवार को नेपानगर में उस समय हड़कंप मच गया, जब वार्ड क्रमांक 02 के पूर्व पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश पटेल लारा ने एक वायरल ऑडियो के आधार पर नगर पालिका उपयंत्री प्रकाश बड़वाहे पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर। वायरल ऑडियो में उपयंत्री प्रकाश बड़वाहे कथित रूप से विजय निंबोरे से फोन पर बातचीत के दौरान राजेश पटेल को 5 लाख रुपये की सुपारी देकर एक महीने में ‘निपटाने’ एवं बच्चों को अनाथ करने जैसी बातें करते हुए सुना जा रहा है। राजेश पटेल ने इसे “अमानवीय, आपराधिक मानसिकता” और “सरकारी पद की मर्यादा का खुला उल्लंघन” बताया है। राजेश पटेल ने जानकारी दी कि इस मामले में उनके द्वारा नेपा थाने में FIR दर्ज करा दी गई है और अब वे निष्पक्ष जांच की अपेक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर के विकास में अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि एक टीम की तरह कार्य करते हैं, ऐसे में किसी अधिकारी का इस स्तर पर गिरकर जनप्रतिनिधि को धमकाना प्रशासनिक ढांचे की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
उपयंत्री के खिलाफ पहले से भी गंभीर आरोप
राजेश पटेल द्वारा जारी प्रेस नोट में उपयंत्री प्रकाश बड़वाहे पर पहले से लगे अनेक आरोपों का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें 4 करोड़ की लागत वाले नाले निर्माण में भ्रष्टाचार, ई-रिक्शा खरीदी में अनियमितताएँ, स्वच्छता कार्यों में धन का दुरुपयोग, कचरा संग्रहण केंद्र संबंधी विवाद, परिषद के 24 पार्षदों द्वारा स्थानांतरण की अनुशंसा, वर्ष 2024 की आवास योजना में तत्कालीन कलेक्टर द्वारा दोष सिद्ध, तथा हाल ही में लोकायुक्त द्वारा दर्ज रिश्वत प्रकरण जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। राजेश पटेल ने विभागीय स्तर पर अब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई न होने को चिंताजनक बताया और इसे “प्रशासनिक उदासीनता” करार दिया।
“मेरी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं” — राजेश पटेल
अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे राजनीति में केवल जनता की सेवा हेतु आए हैं और किसी के प्रति व्यक्तिगत दुर्भावना नहीं रखते। लेकिन भ्रष्टाचार, मनमानी और जनप्रतिनिधियों के दमन के खिलाफ आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें या उनके परिवार को किसी भी प्रकार की हानि होती है, तो इसकी जिम्मेदारी उपयंत्री प्रकाश बड़वाहे सहित इस साजिश में शामिल सभी लोगों पर होगी। अंत में, उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में धमकी, भ्रष्टाचार और शक्ति के दुरुपयोग के लिए कोई स्थान न बचे।

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