खुशियों की दास्तां, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने से प्रसव के बाद संगीता स्वस्थ होकर घर पहुंची
खण्डवा। 18 नवम्बर 2025, जिले के खण्डवा विकासखण्ड के ग्राम काल्जाखेड़ी निवासी श्रीमती संगीता अपनी गर्भावस्था की जांच के लिए गांव के अस्पताल गईं, तो जांच के दौरान मालूम हुआ कि उनके खून में हीमोग्लोबिन का स्तर मात्र 8 ग्राम था, जो कि चिंताजनक था। गांव की आशा कार्यकर्ता श्रीमती अल्का पगारे और उपस्वास्थ्य केन्द्र लोहारी की एएनएम श्रीमती उषा सोमवंशी से संगीता के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिला अस्पताल में आयोजित शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.लक्ष्मी डुडवे ने संगीता की जांच की और उसके परिजनों को खून की कमी के बारे में बताया। डॉ. डुडवे ने संगीता को ग्राम के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयरन सुक्रोज इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी। ग्राम लोहारी में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी रीना एकले व एएनएम द्वारा संगीता का नियमित रुप से 4 बार प्रसव पूर्व परीक्षण किया गया। साथ ही आयरन सुक्रोज की 4 डोज लगवायी गयी, जिसके कारण उसके रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर 8 से बढ़कर 11 ग्राम हो गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिजनों को सलाह दी कि संगीता का प्रसव जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में ही कराया जाए। प्रसव से पूर्व नियमित रुप से फॉलोअप व प्रतिदिन आयरन की गोली खाने से श्रीमति संगीता हाईरिस्क की श्रेणी से निकलकर सामान्य स्थिति में आ गई। संगीता ने जिला चिकित्सालय में गत 18 सितंबर को स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। अब संगीता और उसका शिशु दोनों स्वस्थ हैं। संगीता बताती है कि पहले वह अपनी डिलीवरी को लेकर काफी चिंतित रहती थी, लेकिन जिला अस्पताल में उसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं निःशुल्क मिलीं, जिससे उसकी चिंता अब दूर हो गई है।
एमपी लाइव न्यूज़ के लिए खंडवा से भवानी प्रसाद की रिपोर्ट
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