डॉ कृष्णा मोरे ने कहा : कभी फुर्सत हो तो पढ़ लेना मुझे मैं तुम्हारी खूब सूरत परेशानियों का समाधान हूं मैं संविधान हूं मैं संविधान हूं...
बाबा साहेब अंबेडकर को माल्यार्पण कर मनाया संविधान दिवस
डॉ कृष्णा मोरे ने कहा : कभी फुर्सत हो तो पढ़ लेना मुझे मैं तुम्हारी खूब सूरत परेशानियों का समाधान हूं मैं संविधान हूं मैं संविधान हूं...
बुरहानपुर/धुलकोट। डॉ बाबा साहब अंबेडकर स्मारक समिति धुलकोट द्वारा बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर समिति के बलिराम गांठे दिनेश दामोदर डॉ कृष्णा मोरे दीपक सोलंकी लोकेंद्र सेन माल्यार्पण कर संविधान दिवस मनाया गया। डॉ कृष्णा मोरे ने इस अवसर पर संविधान के बारे में कहा कि कभी फुर्सत हो तो पढ़ लेना मुझे मैं तुम्हारी खूब सूरत परेशानियों का समाधान हूं मैं संविधान हूं मैं संविधान हूं... भारतीय संविधान बाबा साहब अंबेडकर के अथक प्रयासों से 26 नवंबर 1949 को बना तथा 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया। भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है जो हमारे देश की शान है। दिनेश दामोदर ने संविधान की विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया कि बाबा साहब अंबेडकर ने भारतीय संविधान में सभी वर्गों के लिए समानता प्रदान की है। भारत का संविधान हमारे देश का आधार है। कार्यक्रम में समिति के बलिराम गांठे, दिनेश दामोदर, डॉ कृष्णा मोरे, दीपक सोलंकी, आजम बेग, पन्नालाल मासरे, हीरामन सावकारे, सुभाष सावकारे, गंगाराम दांगोदे, जयप्रकाश मासरे, लोकेंद्र सेन, गुप्ता अरविंद सोलंकी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
एमपी लाइव न्यूज़ के लिए बुरहानपुर से संदीप डाहाट की रिपोर्ट
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