नेपानगर में फूटा जनआक्रोश, 7 दिन में समाधान नहीं तो क्रमिक भूख हड़ताल की चेतावनी, अंबेडकर चौक से तहसील कार्यालय तक वार्डवासियों का जोरदार प्रदर्शन, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
नेपानगर में फूटा जनआक्रोश, 7 दिन में समाधान नहीं तो क्रमिक भूख हड़ताल की चेतावनी, अंबेडकर चौक से तहसील कार्यालय तक वार्डवासियों का जोरदार प्रदर्शन, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
नेपानगर। नगर के विभिन्न वार्डों में लंबे समय से चली आ रही गंभीर जनसमस्याओं को लेकर सोमवार को नेपानगर में जबरदस्त जनआक्रोश देखने को मिला। नल-जल आवर्धन योजना की बदहाली, लाड़ली बहना योजना का लाभ बंद होना और विकास कार्यों के अधूरे पड़े रहने से आक्रोशित वार्डवासियों ने पार्षदों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सभी वार्डों के नागरिकों ने नगर के प्रमुख अंबेडकर चौक पर डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रदर्शन की शुरुआत की। इसके बाद विशाल रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नेपानगर को समस्याओं से संबंधित एक विस्तृत, क्रमांकित एवं चेतावनीपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया। इस जनआंदोलन का नेतृत्व वार्ड क्रमांक 02 की पार्षद अनीशा राजेश पटेल एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश पटेल ‘लारा’ ने किया। प्रदर्शन में महिला-पुरुष, युवा, बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल रहे। पूरे प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के प्रति जनता की नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिली।
नल-जल आवर्धन योजना फेल, गंदा पानी पीने को मजबूर लोग
ज्ञापन में बताया गया कि शासन की महत्वाकांक्षी नल-जल आवर्धन योजना नगर के कई वार्डों में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। वार्ड क्रमांक 01 से 05 सहित अन्य क्षेत्रों में पानी की भारी समस्या बनी हुई है। पहले नेपा मिल द्वारा जल आपूर्ति के समय नागरिकों को नियमित एवं स्वच्छ पानी मिलता था, लेकिन नगर पालिका द्वारा व्यवस्था संभालने के बाद से गंदा, मटमैला और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। लोगों में संक्रामक बीमारियों का डर बढ़ता जा रहा है।
30 लाड़ली बहनों का लाभ बंद, परिवार आर्थिक संकट में
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 30 पात्र महिलाओं का लाभ बिना किसी ठोस कारण के अचानक बंद कर दिया गया है। इससे संबंधित परिवार आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। कई बार नगर पालिका एवं जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।
अधूरे निर्माण कार्य बने परेशानी का कारण
नगर में विकास कार्यों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बताई गई। सड़कों, नालियों और अन्य निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 02 में शिव मंदिर का सभा मंडप महीनों से अधूरा पड़ा है, जिससे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में परेशानी हो रही है। इसे लेकर वार्डवासियों में गहरा आक्रोश है और इसे प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बताया जा रहा है।
वार्ड क्रमांक 20 के पार्षद व वार्डवासी भी पहुंचे
ज्ञापन सौंपने के दौरान वार्ड क्रमांक 20 की पार्षद शावन्या पंकज मल्लाना, पार्षद प्रतिनिधि पंकज मल्लाना एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने वार्ड में गंभीर जल संकट को लेकर अलग से ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल समाधान की मांग की।
जनता की पीड़ा, मौके पर छलका दर्द
वार्ड क्रमांक 02 की निवासी कुसुम पटेल ने बताया कि उन्हें पहले छह माह तक लाड़ली बहना योजना का लाभ मिला, लेकिन पिछले कई महीनों से उनके खाते में राशि आना बंद हो गई है। उन्होंने कई बार नगर पालिका और पार्षद से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं वार्ड क्रमांक 01 की निवासी सरोज मोहसे ने कहा कि नगर के अन्य वार्डों में नल-जल योजना ठीक से चल रही है, लेकिन उनके वार्ड में हालात बद से बदतर हैं। लोग गंदा और मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं।
7 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो आंदोलन तेज
एसडीएम को सौंपे गए पत्र में साफ चेतावनी दी गई कि— 7 दिवस के भीतर नल-जल आवर्धन योजना का लाभ शुरू किया जाए,
30 लाड़ली बहनों का बंद किया गया लाभ तत्काल बहाल किया जाए, सभी लंबित निर्माण कार्यों को समय-सीमा तय कर शुरू किया जाए, की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को दी जाए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि इन समस्याओं को लेकर पूर्व में कई बार लिखित एवं मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
समाधान नहीं हुआ तो क्रमिक भूख हड़ताल की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि 7 दिन के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जनहित में क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।
उच्च अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर महोदय जिला बुरहानपुर, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास इंदौर संभाग, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नेपानगर, प्रभारी अधिकारी नेपानगर एवं समस्त पत्रकार बंधुओं को भी प्रेषित की गई है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन राजनीति से प्रेरित नहीं, बल्कि जनता को उनके वैधानिक अधिकार दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यदि प्रशासन ने अब भी आंखें मूंदे रखीं, तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
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