शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली मालवा प्रांत के जिला संयोजक डॉ कृष्णा मोरे और यश दुबे ने की सहभागिता
बुरहानपुर। बुरहानपुर जिले में 4 दिसंबर, 2025 गुरुवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा का चिंतन विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली, मालवा प्रांत एवं प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय, शासकीय कन्या महाविद्यालय, शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी तथा योगेश्वर महाविद्याल, मधुबन महाविद्यालय एवं समस्त संचालक अशासकीय विद्यालय, बड़वानी के सौजन्य से किया गया।
मां सरस्वती का पूजन अर्चन कर राष्ट्रीय कार्यशाला का कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली मालवा प्रांत संयोजक श्री राम सागर जी मिश्र ने सर्वप्रथम अतिथियों का परिचय दिया और अतिथियों का स्वागत किया गया।
डॉ अतुल कोठारी ने बताया कि देश को बदलना है तो शिक्षा को बदलना होगा हमारे देश की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का सही से क्रियान्वयन और धरातल पर उसका सही संचालन करना आवश्यक है और वह कार्य हमें सामूहिक रूप से मिलकर करना होगा। हम भौतिक और आध्यात्मिक समानांतर विकास ऐसे ही विश्व गुरु बन सकते हैं। वर्तमान प्रासंगिकता है कि हम हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा का अनुसरण करें।
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली मालवा प्रांत के मध्य क्षेत्र संयोजक और शिक्षा से आत्मनिर्भरता भारत के राष्ट्रीय संयोजक और शिक्षाविद श्री ओमप्रकाश जी शर्मा ने अपने उद्बोधन में बताया कि देश को बदलना है तो शिक्षा को बदलना होगा उन्होंने राष्ट्रीय कार्यशाला में उपस्थित शिक्षा से शिक्षकों से आह्वान किया कि हमें अपने हिस्से का कार्य स्वयं करना होगा हमें यह देखना होगा कि मैं किस प्रकार से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अपनी भूमिका निभा सकता हूं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में डॉक्टर जैसे पद पर आसीन होते हुए भी देश में आतंकवाद का नेटवर्क खड़ा किया जा रहा है अब समय आ गया है कि शिक्षा से आत्मनिर्भर भारत बने और इसके लिए हमें मिलकर काम करना होगा। आज हमें हमारी भारती ज्ञान परंपरा पर चिंतन करना होगा उसे पर गर्व करना होगा। ओम प्रकाश शर्मा ने शिक्षा संस्कृति और स्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ अतुल जी कोठारी भाई जी से डॉ कृष्णा मोरे का विमर्श करवाकर बुरहानपुर जिले की न्यास की गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। ओम प्रकाश शर्मा ने बैठक में अवगत कराया कि आगामी राष्ट्रीय कार्यशाला बुरहानपुर और जनवरी माह में झाबुआ में आयोजित की जाएगी।
राष्ट्रीय कार्यशाला के द्वितीय सत्र में डॉ. रवींद्र कान्हेरे पूर्व कुलगुरु राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भारती अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान ने अपने भाषण में बताया कि शिक्षण संस्थानों के शुल्क के नियम निर्धारित है तथा जिसके अंतर्गत ही संस्थान की शुल्क तय की जाती है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के चिंतन पर विस्तार से अपना उद्बोधन दिया।
डॉ.मोहनलाल कोरी, कुलगुरु, क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय, खरगोन नेवी कार्यक्रम को संबोधित किया।
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली मालवा प्रांत जिला बुरहानपुर के संयोजक डॉ कृष्णा मोरे ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यशाला में मध्य प्रदेश के अनेक जिलों से शिक्षाविद पधारे थे और यह राष्ट्रीय कार्यशाला सफ़ल और सार्थक रही।
राष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ अतुल जी कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली डॉ. रवींद्र जी कान्हेरे पूर्व कुलगुरु राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भारती अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान मुख्य संरक्षक श्री ओमप्रकाश जी शर्मा क्षेत्रीय संयोजक शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली सह संरक्षक रामसागर मिश्र प्रांत संयोजक, मालवा प्रांत सह संरक्षक डॉ.मोहनलाल कोरी, कुलगुरु, क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन डॉ सुनील जी मोरे शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली मालवा प्रांत संयोजक शोध प्रकल्प झाबुआ से डॉ सोहन डावेल डॉ बैरागी डॉ निशा खरगोन से डॉ सोनिका चौहान तथा न्यास के अधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
राष्ट्रीय कार्यशाला के संयोजक डॉ जयराम जी बघेल ने आभार माना तथा संचालन डॉ भूपेंद भार्गव डॉ चांदनी गोले ने किया। इस अवसर पर डॉ श्याम जी नाईक डॉ अनिल जी पाटीदार तथा संचालन समिति के सदस्य तथा यश दुबे भी बुरहानपुर जिले से ने भी सहभागिता की।
एमपी लाइव न्यूज़ के लिए बुरहानपुर से संदीप डाहाट की रिपोर्ट
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