विधायक मंजू दादू ने बुलंद की आदिवासियों की आवाज़ मुख्यमंत्री से विधायक के नेतृत्व में मिला प्रतिनिधि मंडल वनभूमि का पट्टे देने की मांग

विधायक मंजू दादू ने बुलंद की आदिवासियों की आवाज़ मुख्यमंत्री से विधायक के नेतृत्व में मिला प्रतिनिधि मंडल वनभूमि का पट्टे देने की मांग

नेपानगर। विधायक मंजू दादू के नेतृत्व में नेपानगर से आदिवासियों के प्रतिनिधि मंडल ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात कर जिले में वर्ष 2005 के पूर्व आदिवासियों को वनभूमि का पट्टा प्रदाय करने हेतु अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि भाजपा सरकार जन व आदिवासियों की सरकार हैं सार्थक निर्णय लिया जाएगा। विधायक ने 'वेदर इनफॉर्मेशन नेटवर्क एंड डेटा सिस्टम' हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
 80 प्रतिशत वनपरिक्षेत्र नेपा विधानसभा में
विधायक मंजू दादू ने मुख्यमंत्री को बताया कि विधानसभा क्षेत्र 179 नेपानगर का अधिकांश क्षेत्र जनजातीय होने के साथ-साथ जिले का 80 प्रतिशत वनपरिक्षेत्र मेरी ही विधानसभा में सम्मिलित है। क्षेत्र भ्रमण दौरान ग्रामीण आदिवासियों द्वारा अवगत कराया गया कि हम वर्ष 2005 के पूर्व से इस वन भूमि पर रहने व कृषि कार्य करते हुए अपना जीवन यापन कर रहे है। किन्तु वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण के नाम पर स्थानीय आदिवासियों को वनभूमि से अलग कर उन पर अनाश्वयक कार्यवाही कर रहे है। आपके नेतृत्व वाली म.प्र. सरकार लगातार आदिवासियों के हितों में बृहद स्तर पर कार्य करते आ रही है। यदि वन भूमि पर काबिज वर्ष 2005 के पूर्व स्थानीय आदिवासियों को वनभूमि का पट्टा प्रदाय किया जाता है, तो निश्चित ही उन्हें म.प्र. सरकार की ओर से एक बडी सौगात प्राप्त होगी एवं उनकी जीवन शैली में भी परिवर्तन होगा।
कलेक्टर से भी की थी भेंट
उल्लेखनीय हैं कि गत माह ही नेपानगर विधानसभा के ग्राम दातपहाड़ी, पांगरी, चिल्लारा, तारापाटी, भौराघाट, खकनार, आमगांव,उसारनी, नान्दुरा आदि गांव के लोगों ने विधायक मंजू दादू के नेतृत्व में कलेक्टर हर्ष सिंह से मुलाकात कर वन विभाग द्वारा कृषि भूमि खाली करने हेतु जारी किए गए नोटिसो पर आपत्ति दर्ज की हैं। उन्होंने कलेक्टर से चर्चा कर बताया था कि  साल 2005 के पूर्व से यह सभी अपने ग्राम में वन भूमि पर कृषि कार्य करते आ रहे है। केन्द्र एवं राज्य सरकारों ने 2005 के पूर्व कब्जेदारो की पुनः जांच के आदेश दिए हैं, जब तक जांच सामने ना आ जाए व ऐसे कब्जेदार जिनके पास 2005 के पूर्व के  दस्तावेज ओर रसीद हैं उन पर कोई कार्यवाही ना हो तब कलेक्टर ने आश्वस्त किया था  कि नियमअनुसार प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा।
 यह रहे मौजूद
इस दौरान दांतपहाड़ी से प्यार सिंह पटेल, जंगलिया पटेल, ननसिंह पटेल, मदन पटेल, सावली पटेल करसन पटेल, जिला पंचायत सदस्य अशोक पटेल, एवं ग्राम भौंराघाट ओर अन्य ग्रामों के पटेल मौजूद रहे।
एमपी लाइव न्यूज़ डिजिटल के लिए नेपानगर से संदीप डाहाट की रिपोर्ट

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