करवाने अकीदत बसूए दरबारे औलिया-ए बुरहानपुर" का आयोजन

करवाने अकीदत बसूए दरबारे औलिया-ए बुरहानपुर" का आयोजन

बुरहानपुर। दारुस्सुरूर एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी बुरहानपुर के 10 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर गुरुवार को एक रूहानी कार्यक्रम "करवाने अकीदत बसूऐ दरबारे औलिया-ए बुरहानपुर" निकाला गया। यह कारवां हरीरपुरा स्थित ऑफिस से शुरू होकर बुरहानपुर के प्रसिद्ध सूफी संतों की दरगाहों पर गया, जहाँ शहर में अमन-शांति, खुशहाली और लोगों की भलाई के लिए सामूहिक दुआ की गई। साथ ही सोसाइटी की तरक्की और उसके कामों की कामयाबी के लिए भी प्रार्थना की गई। इस कारवां की अगुवाई मौलाना अब्दुल रशीद चिश्ती ने की। उन्होंने कहा: “औलिया-ए कराम की दरगाहें बहुत मुकद्दस जगहें हैं। यहाँ आदर और सादगी के साथ जाना चाहिए। यहीं से हमें रूहानी सुकून और बरकत मिलती है।" सोसाइटी के चेयरमैन तनवीर रज़ा बरकाती ने कहा: "बुरहानपुर के सूफी संतों की सेवाएँ बहुत बड़ी हैं और उनका इतिहास करीब साढ़े छह सौ साल पुराना है। इस पर अधिक काम करने और इसे लोगों तक पहुँचाने की जरूरत है।" कारवां में शामिल लोगों ने पूरे अनुशासन और श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मकसद रूहानी फायदा हासिल करना, लोगों में जागरूकता बढ़ाना और आपसी भाईचारे को मज़बूत करना था। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसमें सोसाइटी के सदस्य, शहर के गणमान्य लोग और कारपोरेटर ज़हीर अब्बास मोमिन, खास तौर पर मौजूद रहे।

एमपी लाइव न्यूज़ डिजिटल के लिए बुरहानपुर से संदीप डाहाट की रिपोर्ट

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