मेक्रो विज़न एकेडमी में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडारोहण के लिए इस साल मेक्रो विज़न एकेडमी के उन विद्यार्थियों को आमंत्रित किया

मेक्रो विज़न एकेडमी में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडारोहण के लिए इस साल मेक्रो विज़न एकेडमी के उन विद्यार्थियों को आमंत्रित किया


बुरहानपुर। मेक्रो विज़न एकेडमी में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडारोहण के लिए इस साल मेक्रो विज़न एकेडमी के उन विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया जिन्होंने नीट, जेईई, सीए जैसी प्रतियोगिताओं में अव्वल स्थान हासिल किया था जिसमें मयंक टैगोर, आरुष दीक्षित, पार्थ शर्मा, ऋषभ महाजन, प्रखर पाटीदार प्रत्युष पाटीदार, वेदांत भगत, तेजपाल सिंह जाधव (NDA), श्रेया अग्रवाल, मौलीश्री, अनन्या जैन के द्वारा झंडा फहराया गया। इसी अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गायिका सुचेता सतीश का भी विशेष स्वागत किया गया। एकेडमी के परिवार ने इसे अपने लिए गौरवपूर्ण अवसर बताते हुए बताया कि विद्यार्थियों को इतनी प्रतिभाशाली कलाकार को निकट से सुनने और देखने का अवसर मिलना अत्यंत प्रेरणादायक है। इस अवसर पर सुचेता सतीश ने अपनी चर्चित प्रस्तुति “वंदे मातरम् : 150 इयर्स बियॉन्ड बॉर्डर्स” के माध्यम से देशभक्ति और भारतीय संस्कृति का भावपूर्ण संदेश दिया। यह विशेष प्रस्तुति भारत और भारतीयों के बीच अटूट संबंध को दर्शाती है तथा वंदे मातरम् की भावना को भौगोलिक और भाषाई सीमाओं से परे ले जाती है। इस गीत को अनेक भाषाओं, जिनमें अरबी भाषा भी शामिल है, में प्रस्तुत किया गया है। मेक्रो विज़न एकेडमी के वो विद्यार्थी जिन्होंने देश-विदेश में अपने परिणाम से धूम मचा रखी है उन सभी विद्यार्थियों को उनके अभिभावकों के साथ विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने सुचेता सतीश की मधुर आवाज़ और प्रभावशाली प्रस्तुति की सराहना की। यह संगीत केवल एक गीत नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को जोड़ने वाला सांस्कृतिक संदेश है। मेक्रो विज़न एकेडमी के प्राचार्य जसवीर सिंह परमार ने कहा कि नई भारत की भावना, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव को मजबूत करने वाले ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में देशप्रेम और सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। सुचेता सतीश की उपस्थिति ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को और अधिक गरिमामय बना दिया।

एमपी लाइव न्यूज़ डिजिटल के लिए बुरहानपुर से संदीप डाहाट की रिपोर्ट 

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